समस्तीपुर की धरती से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विकास को लेकर बड़ा भरोसा जताया और कहा कि बिहार अब पीछे मुड़कर देखने वाला नहीं है। दूसरे चरण की समृद्धि यात्रा के तहत समस्तीपुर पहुंचे मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राज्य तेजी से आगे बढ़ रहा है और आने वाले समय में बिहार देश के विकसित राज्यों की कतार में खड़ा नजर आएगा। उन्होंने कहा, “बिहार आगे बढ़ेगा तो यहां के लोग भी आगे बढ़ेंगे।”
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने समस्तीपुर जिले को 827 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं की सौगात दी। इन योजनाओं के तहत सैकड़ों परियोजनाओं का शिलान्यास, उद्घाटन और कार्यारंभ किया गया। सरकार का दावा है कि इन योजनाओं से जिले की बुनियादी सुविधाओं को और मजबूती मिलेगी तथा ग्रामीण इलाकों तक विकास की सीधी पहुंच सुनिश्चित होगी।
जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार के कार्यों का लेखा-जोखा पेश किया और 2005 से पहले की सरकारों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पहले बिहार की पहचान डर, अराजकता और अव्यवस्था से जुड़ी हुई थी। शाम होते ही लोग घरों में सिमट जाते थे, सामाजिक तनाव आम बात थी और शिक्षा व स्वास्थ्य की हालत बेहद खराब थी। सड़कों की स्थिति दयनीय थी और इलाज की सुविधाएं गिनी-चुनी जगहों तक सीमित थीं।
नीतीश कुमार ने कहा कि उनकी सरकार ने सत्ता में आने के बाद राज्य को भय के माहौल से बाहर निकाला। आज बिहार में शांति, भाईचारा और कानून का राज है। उन्होंने कहा कि महिलाओं, बच्चों और समाज के कमजोर वर्गों के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम किया गया, जो पहले कभी प्राथमिकता में नहीं था।
मुख्यमंत्री ने बिजली, सड़क और बुनियादी सुविधाओं को अपनी सरकार की बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि सात निश्चय योजना के तहत हर घर बिजली, नल का जल, शौचालय और पक्की सड़कें पहुंचाई गईं। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में बिजली सस्ती की गई और अब अधिकांश घरेलू उपभोक्ताओं को मुफ्त बिजली का लाभ मिल रहा है।
आने वाले वर्षों को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि 2025 से 2030 के बीच विकास की रफ्तार और तेज की जाएगी। उन्होंने दावा किया कि 2005 से अब तक चार कार्यकालों में शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, सड़क, बिजली और महिला सशक्तीकरण जैसे हर क्षेत्र में निरंतर काम हुआ है। अब सात निश्चय-3 के जरिए अगले चरण की विकास योजनाओं को जमीन पर उतारा जाएगा, जिसमें केंद्र सरकार का भी पूरा सहयोग मिल रहा है।
समस्तीपुर में दिए गए इस संदेश के साथ नीतीश कुमार ने साफ कर दिया कि उनकी सरकार का एजेंडा विकास, स्थिरता और भविष्य की तैयारी पर केंद्रित है, और बिहार को एक मजबूत व आत्मनिर्भर राज्य बनाने की दिशा में कदम लगातार आगे बढ़ रहे